लोकसभा चुनाव: चुनावी युद्ध में कौन देगा निशिकांत दुबे को मात, क्या आसान होगा जीतना

रांची: वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में गोड्डा लोकसभा क्षेत्र में छह विधानसभा क्षेत्र (जरमुंडी, मधुपुर, देवघर, पोरेयाहाट, गोड्डा और महगामा) शामिल हैं | आगामी लोकसभा चुनाव 2024 में झारखंड की गोड्डा सीट पर घमासान देखने को मिलेगा | इन छह विधानसभा क्षेत्रों में से चार इंडिया अलायंस के नियंत्रण में हैं और दो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नियंत्रण में हैं | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के गढ़ के रूप में जाना जाने वाला यह निर्वाचन क्षेत्र हमेशा राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को निर्धारित करने में एक महत्वपूर्ण कारक रहा है | हालांकि, इस बार बीजेपी को यह सीट जीतने के लिए काफी मेहनत करनी होगी |

निशिकांत दूबे राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के लिए एक प्रमुख आवाज भी रहे हैं और उन्होंने पार्टी की नीतियों को आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है | हालांकि, इंडिया गठबंधन चार संभावित उम्मीदवारों में से किसी एक को मैदान में उतारकर कड़ी टक्कर दे सकती है | बीजेपी ने एक बार फिर अपने तीन बार के सांसद निशिकांत दुबे को गोड्डा सीट से अपना उम्मीदवार चुना है | दुबे क्षेत्र में एक लोकप्रिय व्यक्ति रहे हैं और वर्षों से अद्भुत और अद्वितीय विकास कार्य करके निर्वाचन क्षेत्र पर मजबूत पकड़ बनाए रखने में कामयाब रहे हैं | उनके प्रयास से देवघर में एम्स अस्पताल बना, देवघर में हवाई कनेक्टिविटी आयी, प्रथम श्रेणी का हवाई अड्डा बना | गोड्डा में ट्रेन चलाने की कल्पना भी असंभव लगती थी, जिसे उन्होंने संभव कर दिखाया |

सांसद फुरकान अंसारी दे सकते हैं मात 

कांग्रेस या इंडिया गठबंधन के एक अन्य उल्लेखनीय उम्मीदवार 2004 में गोड्डा से चुने गए सांसद फुरकान अंसारी हो सकते हैं, जो 2009 में निशिकांत दूबे के उपविजेता भी रहे | अंसारी इस क्षेत्र में एक प्रसिद्ध व्यक्ति हैं और लोगों के बीच उनके काफी अनुयायी हैं उनके पुत्र, डॉ. इरफान अंसारी जामताड़ा से विधायक भी हैं | एक पूर्व सांसद के रूप में उनका अनुभव और ट्रैक रिकॉर्ड उन्हें निशिकांत दुबे के लिए एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी बनाता है |

दीपिका पांडेय सिंह में राजनैतिक गुण

झारखंड गठबंधन से महगांव विधायक दीपिका पांडे सिंह शामिल हैं | दीपिका पांडे सिंह जुझारू नेत्री रही है तथा कांग्रेस की राष्ट्रीय मंत्री हैं | उनके माता-पिता और ससुर उच्च स्तरीय राजनेता रहे हैं | एक तरह से विरासत और कर्मठता दोनों को मिलाकर देखा जाए तो कुशल राजनैतिक गुण इनमें है | आलमगीर आलम और दीपिका पांडे सिंह दोनों नेताओं का अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में मजबूत आधार है और ये आगामी चुनाव में दुबे को कड़ी टक्कर दे सकते हैं | इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार की घोषणा होने के बाद ही सही टक्कर का आकलन किया जा सकता है |

 प्रदीप यादव मजबूत दावेदार

2019 के चुनाव में निशिकांत दुबे के उपविजेता भी रहे | यादव एक मजबूत दावेदार हैं और अपने जमीनी स्तर के काम और गोड्डा के लोगों के साथ जुड़ाव के लिए जाने जाते हैं वह यहां के सबसे मजबूत और अधिक संख्या वाले यादव समाज से आते हैं |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *