Ranchi : रांची के चर्चित रिम्स जमीन घोटाला मामले में कानूनी गतिविधियां फिर तेज हो गई हैं। इस केस में गिरफ्तार दो आरोपियों की जमानत याचिका पर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने अदालत में अपना जवाब दाखिल कर दिया है। मामले की अगली सुनवाई अब 14 मई को होगी। जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी राजेश झा और चेतन बड़ाईक ने नियमित जमानत के लिए अदालत में याचिका दायर की है। वहीं, इसी मामले में सुमित्रा कुमारी बड़ाईक की अग्रिम जमानत याचिका पर भी ACB ने अपना पक्ष रखा है। अदालत अब इन सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करेगी।
क्या है पूरा जमीनी घोटाला
यह मामला रांची में रिम्स की अधिग्रहित जमीन से जुड़ा है। आरोप है कि फर्जी वंशावली और दस्तावेज बनाकर सरकारी जमीन को निजी संपत्ति के रूप में दिखाया गया और फिर उसकी खरीद-बिक्री की गई। बाद में उस जमीन पर अपार्टमेंट, दुकानें और अन्य निर्माण भी कर दिए गए। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद इस मामले की जांच ACB को सौंपी गई थी। अब तक ACB इस केस में चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसी का कहना है कि यह सिर्फ जमीन कब्जाने का मामला नहीं, बल्कि फर्जी दस्तावेज और मिलीभगत से जुड़े बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। जांच की पहुंच सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों तक भी हो चुकी है। अब सभी की नजर 14 मई को होने वाली सुनवाई पर टिकी है। अदालत तय करेगी कि गिरफ्तार आरोपियों को जमानत मिलती है या नहीं। साथ ही, इस सुनवाई का असर फरार और अन्य आरोपियों की आगे की कानूनी रणनीति पर भी पड़ सकता है।
