असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि कल भी हमने 26 बांग्लादेशियों को राज्य से खदेड़ा है. कहा कि असम आंदोलन के समय से ही आपको कभी नहीं सुनने को मिलेगा कि एक भी बांग्लादेशी को खदेड़ा गया हो. यह सच है कि असम और पूर्वोत्तर को एक गलियारे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. इसलिए इसे नकारा नहीं जा सकता. यह प्रामाणिक जानकारी है.
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि हमें अन्य क्षेत्रों में कोई समस्या नहीं है क्योंकि लोग शांति और सौहार्द बनाये हुए हैं. लेकिन हमारी चिंता हमेशा धुबरी और दक्षिण सलमारा को लेकर है, क्योंकि ये दो सीमावर्ती जिले हैं. हालांकि, दक्षिण सलमारा में पिछले पांच वर्षों में कोई भी प्रतिकूल घटना दर्ज नहीं की गयी है. असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि धुबरी में बहुत सारी गतिविधियां चल रही हैं.
उन्होंने एक बात साफ कर दी कि पूर्व में सरकार द्वारा जारी किये गये देखते ही गोली मारने के आदेश को वापस नहीं ले रहे हैं. बता दें कि पूर्व में हिमंता सरकार ने दुर्गा पूजा के अवसर पर अराजकता फैलाने वालों को गोली मारने का आदेश जारी किया था, हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि धुबरी जिले में सांप्रदायिक हिंसा के बाद 13 जून से लागू रात में देखते ही गोली मारने के आदेश दुर्गा पूजा के दौरान भी जारी रहेंगे.
पूजा के दौरान अगर कोई उत्पात मचायेगा तो उसे सीधे गोली मार दी जायेगी. सीएम ने कहा था कि कि धुबरी में सनातन धर्म के लोग अल्पसंख्यक हैं. कट्टरपंथियों से उनकी रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता में है.
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, आज राज्य मंत्रिमंडल ने अंतर-धार्मिक भूमि हस्तांतरण के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को मंज़ूरी दे दी है. असम जैसे संवेदनशील राज्य में दो धार्मिक समूहों के बीच भूमि हस्तांतरण को बहुत सावधानी से संभालना ज़रूरी है. इसलिए अब ऐसे सभी भूमि हस्तांतरण प्रस्ताव सरकार के पास आयेंगे. सरकार अपनी विशेष शाखा के माध्यम से प्रत्येक प्रस्ताव की जांच करेगी.
हम यह देखेंगे कि धन का स्रोत क्या है, क्या यह कर रिटर्न में दर्शाया गया है या नहीं, और क्या इस तरह की बिक्री से उस विशेष इलाके के सामाजिक ताने-बाने पर असर पड़ेगा, क्या किसी स्थानीय व्यक्ति को कोई आपत्ति है, क्या उसका उचित समाधान किया गया है या नहीं.
यह भी देखा जायेगा कि क्या कुछ मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा का कोई पहलू शामिल है या नहीं.. उसके बाद हम उपायुक्त को सूचित करेंगे कि उन्हें भूमि हस्तांतरण की अनुमति देनी चाहिए या नहीं.
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि असम के बाहर के गैर-सरकारी संगठन असम में भूमि खरीदना चाहते हैं और मुख्य रूप से शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थान आदि स्थापित करना चाहते हैं. ऐसे सभी प्रस्तावों की राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से जांच की जाएगी. उसके बाद ही भूमि बिक्री की अनुमति दी जाएगी.
पूर्व योजना आयोग सदस्य सैयदा हमीद के बारे में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि अगर वह फिर से असम वापस आना चाहती हैं, तो उनके साथ पूरे सम्मान के साथ कानून के अनुसार व्यवहार किया जायेगा. मुझे(हिमंत बिस्वा सरमा) लगता है कि हमें कोई एफआईआर दर्ज नहीं करनी चाहिए क्योंकि अगर मैं एफआईआर दर्ज करूंगा, तो वह देश के विभिन्न हिस्सों से चंदा जमा कर केस दर्ज करवायेंगी.
इससे उन्हें और फ़ायदा होगा. इसलिए अगर वह असम वापस आती हैं, तो हम जो भी करना होगा, करेंगे. इसलिए अभी मैं किसी एफआईआर के बारे में नहीं सोच रहा हूँ. अगर कुछ लोग एफआईआर दर्ज करवाते हैं, तो यह अलग बात है. लेकिन अगर वह फिर से असम वापस आना चाहती हैं, तो उनके साथ पूरे सम्मान के साथ लेकिन कानून के अनुसार व्यवहार किया जायेगा.
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा किप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब 13 और 14 सितंबर को असम का दौरा करेंगे. पहले यह कार्यक्रम 8 सितंबर तय था. पीएम 13 सितंबर को पहुंचेंगे और गुवाहाटी में भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका की जन्म शताब्दी समारोह के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे. 14 सितंबर को वह मंगलदोई और फिर नुमालीगढ़ जाएंगे.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर कहा कि वे 28 अगस्त की रात गुवाहाटी पहुंचेंगे. वह राज्य भाजपा मुख्यालय का दौरा करेंगे और कोर कमेटी की बैठक में शामिल होंगे. वे 29 अगस्त को गुवाहाटी में 3 कार्यक्रमों में शामिल होंगे.
