Ramgarh : झारखंड के रामगढ़ जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। पतरातू थाना क्षेत्र के तालाटांड भूइंया टोली निवासी 35 वर्षीय कमल किशोर महतो का शव मंगलवार सुबह गांव के पास एक पहाड़ी पर फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। कमल किशोर महतो रक्षा मंत्रालय के अधीन डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) में इंजीनियर थे और उनकी पोस्टिंग बेंगलुरु में थी। इस अचानक हुई घटना से परिवार गहरे सदमे में है।
परिजनों के अनुसार, कमल किशोर 19 अप्रैल को अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ बेंगलुरु से गांव आए थे। घर में सबकुछ सामान्य था और लंबे समय बाद उनके आने से परिवार खुश था। लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही दिनों में ऐसा दुखद हादसा हो जाएगा। मृतक के पिता प्रभु महतो ने बताया कि कमल पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थे। उन्हें रात में नींद नहीं आती थी और वह अक्सर परेशान रहते थे। परिवार उनकी स्थिति को लेकर चिंतित था और इलाज की तैयारी भी चल रही थी। बुधवार को रांची के एक बड़े डॉक्टर से उनका अपॉइंटमेंट तय था, लेकिन उससे पहले ही यह घटना हो गई।
रात में घर से निकले,अकेले घूमते नजर आए , फिर नहीं लौटे कमल
ग्रामीणों के मुताबिक, सोमवार रात करीब 11 बजे कमल किशोर गांव में अकेले घूमते नजर आए थे। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिवार की चिंता बढ़ गई। इसके बाद परिजन और ग्रामीण उनकी तलाश में निकल पड़े, लेकिन रात में उनका कोई पता नहीं चल सका। मंगलवार सुबह गांव के कुछ लोग पहाड़ी की ओर गए, जहां कमल किशोर का शव फंदे से लटका मिला। यह दृश्य देखकर लोग स्तब्ध रह गए। देखते ही देखते पूरे गांव में खबर फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर पतरातू थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर जांच शुरू कर दी।
अधिकारियों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। कमल किशोर की मौत के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार, वह शांत स्वभाव और पढ़े-लिखे व्यक्ति थे। उनकी इस तरह अचानक मौत की खबर से लोग अब भी स्तब्ध हैं। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि गांव में हर ओर इसी घटना की चर्चा हो रही है।
