29 नवंबर को किशोरगंज रोड नंबर-5 में रहने वाले रेलवे कर्मचारी नितेश पांडेय की शादी थी। लेकिन शादी से एक दिन पहले ही उन्होंने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
सुखदेवनगर थाना क्षेत्र में शादी से ठीक एक दिन पहले दूल्हा नितेश पांडेय के आत्महत्या कर लेने के गंभीर मामले में रांची पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।
परिजनों का आरोप है कि एक लड़की ने नितेश पर यौन शोषण का झूठा केस किया था। पुलिस ने बिना जांच किए नितेश को हिरासत में ले लिया और छोड़ने के लिए 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। मुंशी परशुराम बार-बार 1-2 लाख रुपये मांगता था और बड़े अफसरों (सिटी एसपी, डीएसपी) का नाम लेकर दबाव बनाता था।
थानेदार अशोक कुमार और थाने के मुंशी परशुराम को तुरंत प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है।पुलिस छोड़ने के बाद भी लड़की नितेश को लगातार परेशान करती रही, जिसके कारण मानसिक तनाव में आकर नितेश ने आत्महत्या कर ली।
आईजी के निर्देश पर रांची एसएसपी ने सुखदेवनगर थानेदार अशोक कुमार और थाने के मुंशी परशुराम को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। परिजनों ने इस कार्रवाई पर संतोष जताया है
,पुलिस की कार्रवाई
इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने खुद संज्ञान लिया और तुरंत रांची के आईजी मनोज कौशिक को जांच की जिम्मेदारी सौंपी ।परिजनों का आरोप है कि एक लड़की ने नितेश पर यौन शोषण का झूठा केस किया था। लेकिन वे सभी दोषी पुलिसकर्मियों और आरोप लगाने वाली लड़की पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
