रांची के अस्पताल में पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह का निधन|

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Ranchi : झारखंड की राजनीति से एक दुखद खबर सामने आई है। पूर्व मंत्री और गोमिया के वरिष्ठ नेता माधव लाल सिंह का निधन हो गया। कुछ दिनों पहले अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बोकारो के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया। इसके बाद उन्हें रांची के पल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बुधवार सुबह इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से गोमिया समेत पूरे झारखंड में शोक की लहर है। माधव लाल सिंह का राजनीतिक सफर लंबा और प्रभावशाली रहा। गोमिया विधानसभा क्षेत्र की जनता ने उन्हें चार बार विधायक चुना था। वे 1985, 1990, 2000 और 2009 में विधायक निर्वाचित हुए थे। बिहार के दौर से लेकर झारखंड राज्य बनने के बाद तक उन्होंने राजनीति में सक्रिय और मजबूत भूमिका निभाई। माधव लाल सिंह राजनीति में सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि लोगों से सीधे जुड़े जनप्रतिनिधि के रूप में पहचाने जाते थे। समर्थक और आम लोग उन्हें प्यार से “माधव बाबू” कहकर बुलाते थे। मंत्री रहने के बावजूद उनकी सादगी, ईमानदारी और लोगों के बीच सहज मौजूदगी उनकी खास पहचान थी। गोमिया और आसपास के ग्रामीण इलाकों में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी। सड़क, बिजली, पानी और क्षेत्र की दूसरी स्थानीय समस्याओं को लेकर वे हमेशा सक्रिय रहते थे। यही कारण था कि राजनीति के साथ-साथ आम जनता के बीच भी उनका गहरा प्रभाव और सम्मान था।

अस्पताल और आवास पर पहुचने लगे लोग

माधव लाल सिंह के निधन की खबर मिलते ही उनके समर्थक, शुभचिंतक और राजनीतिक कार्यकर्ता रांची स्थित अस्पताल और उनके आवास पहुंचने लगे। कई लोग फोन पर यह खबर सुनकर भावुक हो गए। गोमिया क्षेत्र में शोक और मायूसी का माहौल है। उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने गहरा दु:ख जताया है। कई लोगों ने इसे झारखंड की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उनके जाने से एक ऐसे जननेता का अध्याय खत्म हो गया, जिसकी पहचान सत्ता से ज्यादा जनता के बीच थी।

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