प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आज सुबह आप नेता सौरभ भारद्वाज के आवास सहित कुल 12 ठिकानों पर छापेमारी की है. यह छापेमारी अस्पताल निर्माण में अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन के मामले में की जा रही है.
जानकारी के अनुसार, यह अस्पताल निर्माण घोटाला करीब 5,590 करोड़ का है. ईडी धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) की धारा 17 के तहत सौरभ भारद्वाज सहिच अन्य के ठिकानों की तलाशी ले रही है.
दरअसल, दिल्ली एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने जून 2024 में सौरभ भारद्वाज और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ केस दर्ज किया था. आरोप है कि आप सरकार के कार्यकाल के समय स्वास्थ्य योजनाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई, जिसमें हजारों करोड़ का भ्रष्टाचार शामिल है. इसके बाद जुलाई में ईडी ने भी इस मामले में ECIR दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की.
क्या है आरोप
ईडी के मुताबिक, आम आदमी पार्टी की सरकार ने 2018-19 में 24 अस्पताल परियोजनाएं मंजूर की थीं. योजना के अनुसार, छह महीने के अंदर ICU सुविधाओं वाले अस्पताल तैयार होने थे, लेकिन तीन साल बाद भी काम अधूरा रहा.
ईडी के मुताबिक, 50% काम पूरा हुआ और उसमें ही 800 करोड़ रुपये से अधिक पैसे खर्च कर दिए गए. इतना ही नहीं कुछ अस्पतालों में निर्माण कार्य बिना उचित मंजूरी के ही शुरू कर दिए गए थे. ईडी का आरोप है कि लोक नायक अस्पताल के निर्माण के लिए 488 करोड़ रुपये की लागत तय की गई थी, जो बढ़कर 1,135 करोड़ रुपये हो गई.
एसीबी ने क्या कहा
ACB की रिपोर्ट के अनुसार, अस्पतालों, पॉलीक्लिनिक और आईसीयू इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी परियोजनाओं में भारी अनियमितताएं, अनावश्यक देरी और सरकारी फंड का दुरुपयोग हुआ है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि किसी भी प्रोजेक्ट को तय समय में पूरा नहीं किया गया, जबकि कई सौ करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत दर्ज की गई.
शिकायत किसने दर्ज की
दरअसल 22 अगस्त 2024 को दिल्ली विधानसभा में उस समय नेता प्रतिपक्ष रहे विजेंद्र गुप्ता ने इस मामले को उजागर किया था. उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि GNCTD (दिल्ली सरकार) के तहत स्वास्थ्य परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्रियों ने बजट में हेराफेरी की, पब्लिक मनी का दुरुपयोग किया और निजी ठेकेदारों से सांठगांठ की.
