Ranchi : देशभर में 20 मई 2026 को प्रस्तावित मेडिकल दुकानों की हड़ताल को लेकर मरीजों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) द्वारा बुलाई गई इस हड़ताल का असर दवाओं की सप्लाई पर पड़ सकता है। कई राज्यों में मेडिकल दुकानदार हड़ताल में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अलर्ट जारी किया है।
स्थिति को गंभीर मानते हुए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने सभी राज्यों के ड्रग कंट्रोलर्स को एडवाइजरी भेजी है। इसमें कहा गया है कि किसी भी हालत में मरीजों को दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए। सरकार ने निर्देश दिया है कि हर क्षेत्र में कुछ मेडिकल दुकानें खुली रहें, ताकि लोगों को जरूरी दवाएं आसानी से मिल सकें। CDSCO ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ हालात पर नजर रखने को कहा है। साथ ही यह भी साफ किया गया है कि किसी भी मेडिकल दुकान को जबरन बंद नहीं कराया जाएगा।
सरकार ने बताया है कि सरकारी अस्पतालों की फार्मेसी, जन औषधि केंद्र, सरकारी सहायता प्राप्त मेडिकल स्टोर, प्राइवेट अस्पतालों की फार्मेसी और बड़ी मेडिकल चेन की दुकानें सामान्य रूप से खुली रहेंगी। इससे मरीजों को वैकल्पिक व्यवस्था मिलती रहेगी और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी। इस मुद्दे पर 17 मई को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ड्रग कंट्रोलर्स के साथ एक अहम बैठक भी हुई थी। बैठक में हड़ताल के दौरान दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रखने की रणनीति तैयार की गई।
ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि लोगों को बिना किसी रुकावट दवाएं उपलब्ध कराना सरकार की पहली प्राथमिकता है। सरकार लगातार पूरे हालात पर नजर बनाए हुए है, ताकि मरीजों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
