Ranchi : रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में शुक्रवार को जूनियर डॉक्टरों का गुस्सा फूट पड़ा। तीन महीने से वेतन नहीं मिलने से नाराज डॉक्टरों ने रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार के चैंबर का घेराव कर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने “नो पे, नो वर्क” के नारे लगाए और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि लगातार तीन महीने से सैलरी नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किराया, रोजमर्रा के खर्च, परिवार की जिम्मेदारियां और जरूरी भुगतान प्रभावित हो रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि दिन-रात मरीजों की सेवा करने के बावजूद समय पर वेतन नहीं मिलना बेहद निराशाजनक है। विरोध के दौरान जूनियर डॉक्टरों ने नाराजगी जताते हुए रिम्स डायरेक्टर के चैंबर के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। इसके बाद डॉक्टर वहीं धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। कुछ देर तक प्रदर्शन का माहौल तनावपूर्ण बना रहा। डॉक्टरों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से वेतन के लिए फंड जारी नहीं किया गया है, जिसके कारण यह स्थिति बनी है। उनका आरोप है कि कई बार मामला उठाने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी से नाराज होकर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
जूनियर डॉक्टरों के आंदोलन से प्रभावित हो सकती है इलाज व्यवस्था
जूनियर डॉक्टर किसी भी बड़े अस्पताल की अहम कड़ी होते हैं। इमरजेंसी, वार्ड और ओपीडी में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में अगर यह आंदोलन लंबा चलता है, तो मरीजों की इलाज व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। रिम्स जैसे बड़े सरकारी अस्पताल में हर दिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। जूनियर डॉक्टरों ने साफ कहा है कि अगर जल्द लंबित सैलरी जारी नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि रिम्स प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस मामले का समाधान कितनी जल्दी निकालते हैं।
