Garhwa : झारखंड के गढ़वा जिले में आने वाले खरीफ सीजन को लेकर किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और कालाबाजारी रोकने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसी को लेकर डीसी अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जॉइंट इनफोर्समेंट टीम (JET) की बैठक हुई। बैठक में डीसी ने कहा कि किसानों के हक में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जमाखोरों पर सख्त कार्रवाई होगी।
उन्होंने जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर गठित प्रवर्तन दलों को पूरी तरह सक्रिय रहने का निर्देश दिया। साथ ही जहां खाद की खपत असामान्य दिखे, वहां तुरंत छापेमारी करने को कहा। डीसी मित्तल ने कहा कि किसानों को सरकारी दर पर समय से उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यदि रियायती खाद का इस्तेमाल किसी औद्योगिक इकाई में पाया जाता है तो संबंधित लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। बैठक में डीएपी पर निर्भरता कम करने पर भी जोर दिया गया। इसके लिए किसानों को एनपीकेएस और एसएसपी जैसे उर्वरकों के उपयोग के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए। साथ ही JET का व्हाट्सएप ग्रुप सक्रिय रखने को कहा गया, ताकि सभी गतिविधियों की रिपोर्ट तुरंत कृषि निदेशालय तक पहुंचाई जा सके।
विशेष टीम रखेगी कड़ी निगरानी और होगी छापेमारी
जिले में बनाई गई विशेष टीम में पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला सहकारिता पदाधिकारी और जिला कृषि पदाधिकारी शामिल हैं। यह टीम नियमित रूप से खाद दुकानों और प्रतिष्ठानों की औचक जांच करेगी तथा खाद के स्टॉक पर नजर रखेगी। डीसी ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने साफ निर्देश दिया कि खाद की कृत्रिम कमी पैदा करने या कालाबाजारी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
