जियो के इस कदम ने नेटवर्क स्पीड बढ़ाने के साथ-साथ डेटा उपयोग के पैटर्न में भी बड़ा बदलाव लाया। साल 2025 भारत के डिजिटल सफर में मील का पत्थर साबित हुआ, जब रिलायंस जियो ने 5G टेक्नोलॉजी के जरिए देश में हाई-स्पीड इंटरनेट को मेनस्ट्रीम बनाया। इस दौरान नेटवर्क पर डेटा ट्रैफिक लगातार बढ़ा और जनवरी से सितंबर के बीच कुल 162 एक्साबाइट डेटा ट्रैफिक दर्ज हुआ।
इस साल जियो नेटवर्क पर 23.4 करोड़ से अधिक यूजर्स ने जियो True 5G पर माइग्रेशन किया। जनवरी 2025 में औसतन प्रति यूजर मासिक डेटा खपत 32.3 जीबी थी, जो साल के अंत तक बढ़कर 38.7 जीबी हो गई। आज जियो के कुल वायरलेस डेटा ट्रैफिक का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा 5G से आता है। इस बदलाव ने वीडियो स्ट्रीमिंग, क्लाउड-आधारित सेवाओं, ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल वर्कस्पेस को नई गति दी l
महाकुंभ 2025 के दौरान प्रयागराज में जियो 5G नेटवर्क की क्षमता का वास्तविक परीक्षण भी देखने को मिला। एक ही दिन में 2 करोड़ वॉयस कॉल और 40 करोड़ डेटा रिक्वेस्ट सफलतापूर्वक हैंडल की गईं, जिससे यह साफ हो गया कि जियो का 5G नेटवर्क अत्यधिक भीड़ और भारी डेटा उपयोग की परिस्थितियों में भी निर्बाध सेवाएं प्रदान करने में सक्षम है।
2025 में जियो ने सब्सक्राइबर बेस के मामले में भी नए रिकॉर्ड बनाए। सितंबर में कंपनी ने 50 करोड़ सब्सक्राइबर का आंकड़ा पार किया, जबकि अक्टूबर के अंत तक कुल यूजर्स की संख्या 50.93 करोड़ तक पहुंच गई। इस दौरान नेटवर्क पर डेटा ट्रैफिक लगातार बढ़ा और जनवरी से सितंबर के बीच कुल 162 एक्साबाइट डेटा ट्रैफिक दर्ज हुआ।
टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के मोर्चे पर भी 2025 जियो के लिए महत्वपूर्ण रहा। स्वदेशी 5G और UBR आधारित FWA स्टैक, 5G–6G से जुड़े 3,400 से अधिक पेटेंट और बड़े पैमाने पर UBR की तैनाती ने जियो को डीप-टेक इनोवेशन के अग्रणी खिलाड़ियों में खड़ा किया। इन-हाउस OSS/BSS प्लेटफॉर्म अब न केवल भारत बल्कि वैश्विक बाजारों के लिए भी तैयार है।
जियो का फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस कारोबार यानी जियो एयरफाइबर भी इस साल वैश्विक स्तर पर शीर्ष पर पहुंचा। जुलाई 2025 तक सब्सक्राइबर संख्या के आधार पर यह दुनिया का नंबर-1 FWA प्रोवाइडर बन गया और यूजर्स की संख्या 1 करोड़ से अधिक हो गई। इसके जरिए गेमिंग, एंटरटेनमेंट और क्लाउड सेवाओं का इंटीग्रेशन घरेलू डिजिटल इकोसिस्टम का अहम हिस्सा बन गया।
साल के अंत में जियो की ग्रोथ स्टोरी को नया आयाम मिला, जब 48वीं रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड AGM में मुकेश अंबानी ने Jio Platforms के आईपीओ की आधिकारिक घोषणा की। कंपनी ने बताया कि यह आईपीओ 2026 की पहली छमाही में लाया जाएगा, जो भारत की अब तक की सबसे बड़ी पब्लिक लिस्टिंग में से एक हो सकती है।
कुल मिलाकर, 2025 जियो के लिए वह साल रहा जब उसके ट्रू 5G ने भारत के डिजिटल अनुभव को पूरी तरह बदल दिया, डेटा खपत और सब्सक्राइबर में नए रिकॉर्ड बनाए और 2026 के बड़े आईपीओ की नींव रखी।
