ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा विकेन्द्रित उत्पादन : कल्पना सोरेन|

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Ranchi : गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन ने विकेन्द्रित उत्पादन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि यह मॉडल खासकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने “संघे शक्ति कलियुगे” की अवधारणा का जिक्र करते हुए श्री महिला गृह उद्योग लिज्जत पापड़ को इसका बेहतरीन उदाहरण बताया। कल्पना सोरेन ने कहा कि लिज्जत पापड़ सिर्फ एक उद्योग नहीं, बल्कि महिलाओं की सामूहिक ताकत और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस मॉडल ने लाखों महिलाओं को घर बैठे रोजगार देकर आत्मनिर्भर बनाया है और उन्हें सम्मानजनक आजीविका से जोड़ा है।

“डिस्ट्रिब्यूटेड प्रोडक्शन” को आगे और अपनाने पर भी दिया जोर

विधायक कल्पना सोरेन ने विकेन्द्रित उत्पादन यानी “डिस्ट्रिब्यूटेड प्रोडक्शन” सिस्टम की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस मॉडल में महिलाएं घर या अपने स्थानीय क्षेत्र में रहकर काम कर सकती हैं। इससे उन्हें परिवार की जिम्मेदारियां निभाने में आसानी होती है और आर्थिक रूप से मजबूत बनने का मौका भी मिलता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए गृह उद्योग और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देना जरूरी है। कल्पना सोरेन ने सुझाव दिया कि श्री महिला गृह उद्योग लिज्जत पापड़ जैसे सफल मॉडल को सिर्फ एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रखना चाहिए। इसे हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण और लघु उद्योग जैसे दूसरे क्षेत्रों में भी अपनाया जा सकता है।

उन्होंने सरकार, स्वयंसेवी संस्थाओं और निजी क्षेत्र से मिलकर इस दिशा में काम करने की अपील की। कल्पना सोरेन ने कहा कि अगर ऐसे मॉडल को सही तरीके से बढ़ावा दिया जाए, तो ग्रामीण परिवारों को स्थायी और सम्मानजनक रोजगार मिल सकता है। उन्होंने कहा कि उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देख रहे हैं।

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