Ranchi : बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक दीपू चंद्र दास की नृशंस हत्या और वहां लगातार हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में शनिवार को रातू में जोरदार आक्रोश मार्च निकाला गया।इस आक्रोश मार्च का नेतृत्व युवा नेता ओम शंकर गुप्ता ने किया,जिसमें सैकड़ों की संख्या में हिंदू समाज के लोग, युवा, महिलाएं एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।

मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। यह आक्रोश मार्च रातू चट्टी से होकर विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।इस अवसर पर युवा नेता ओम शंकर गुप्ता ने कहा कि“बांग्लादेश में हिंदुओं को काटा और जलाया जा रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस पर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। हिंदुत्व की रक्षा केवल भाषणों और कागज़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
हिंदू किसी राजनीतिक पार्टी का सिर्फ वोट बैंक नहीं है।”इतिहास गवाह है—कभी काटकर,कभी जलाकर,हमारे ही भाई-बहनों को मार दिया गया।और कुछ तथाकथित हिंदू हितैषी पार्टियाँइन जली-कटी लाशों की तस्वीरेंचुनाव में वोट मांगने का औज़ार बनाती रहीं।उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि बांग्लादेश में रह रहे हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए भारत सरकार ठोस कूटनीतिक और सुरक्षा कदम उठाए। साथ ही उन्होंने कहा कि बांग्लादेश भारत से अधिक दूरी पर नहीं है, इसके बावजूद वहां हिंसा जारी रहना गंभीर चिंता का विषय है।
ओम शंकर गुप्ता ने आगे कहा कि“अगर हिंदू समाज आज एकजुट नहीं हुआ तो आने वाली पीढ़ियों को असुरक्षा के माहौल में जीना पड़ेगा। अपने धर्म और समाज की रक्षा स्वयं करनी होगी, तभी कट्टरपंथियों में भय उत्पन्न होगा।”कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने और शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।मौके पर रातू के हर क्षेत्र के महिलाओ पुरुष भारी संख्या me उपस्तिथ हुएl

