सोनिया गांधी जी ने देश के किसानों और मजदूरों को मनरेगा के माध्यम से रोज़गार की कानूनी गारंटी दी थी। यह योजना गरीब, श्रमिक और वंचित वर्ग की जीवनरेखा है।लेकिन भारतीय जनता पार्टी मनरेगा को कमजोर करने और बंद करने की सोची-समझी साजिश कर रही है। कभी नाम बदलने का खेल, तो कभी 60:40 जैसे प्रावधान—यह सब गरीबों के अधिकार छीनने की कोशिश है।झारखंड एक गरीब राज्य है और यदि मनरेगा से छेड़छाड़ हुई तो इसकी सबसे ज्यादा मार यहीं के मजदूरों पर पड़ेगी। भाजपा को गरीब, किसान और मजदूर की खुशहाली कभी रास नहीं आती। भाजपा अब नाम बदलने की हेडमास्टर बन चुकी है, लेकिन जमीन पर काम और गरीबों से उसका कोई लेना-देना नहीं है।झारखंड की जनता में भाजपा के खिलाफ भारी आक्रोश है और मनरेगा को कमजोर करने की हर साजिश का डटकर विरोध किया जाएगा।इस मौके पर डॉ. इरफान अंसारी जमकर गरजे और केंद्र सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की।जामताड़ा जिला कांग्रेस अध्यक्ष दीपिका बेसरा ने ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित कर संगठन को मजबूती दी—यह सराहनीय और प्रशंसनीय कार्य है। इस अवसर पर जामताड़ा जिला कांग्रेस कमेटी के सीनइयर कांग्रेसी के साथ-साथ भारी संख्या में महिला युवा कार्यकर्ता मौजूद थे l
