New Delhi : नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिवार के सदस्यों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर सरकार से अपील की है कि जापान के रेंकोजी मंदिर में रखे गए नेताजी के अवशेषों को भारत लाने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं, परिवार ने यह मांग 23 जनवरी 2026 को नेताजी की जयंती से पहले पूरी करने का आग्रह किया है।
उन्होंने राष्ट्रपति से निवेदन किया कि नेताजी की 129वीं जयंती से पहले उन्हें भारत लाया जाए। परिवार की ओर से राष्ट्रपति को पत्र भेजा गया था। नेताजी के पोते चंद्र कुमार बोस ने एक वीडियो संदेश में कहा कि यह बेहद दुखद है कि इतने वर्षों बाद भी महान स्वतंत्रता सेनानी के पार्थिव अवशेष विदेश में हैं l इसमें बताया गया कि यह मांग लंबे समय से नेताजी के परिवार और आजाद हिंद फौज (INA) के पूर्व सैनिक करते आ रहे हैं। पत्र में कहा गया है कि नेताजी की विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक सहेजना बेहद जरूरी है।
जब सिंगापुर में आजाद हिंद की अंतरिम सरकार की स्थापना के 80 साल पूरे हुए। परिवार ने उम्मीद जताई कि नेताजी के अवशेष भारत लाने से न केवल INA के सैनिकों को सम्मान मिलेगा, बल्कि देश की आजादी के लिए बलिदान देने वालों को भी सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकेगी। नेताजी की बेटी प्रोफेसर अनीता बोस-फाफ भी लगातार सरकार के सामने यह मुद्दा उठाती रही हैं। परिवार ने पत्र में 21 अक्टूबर 2025 का भी उल्लेख किया पत्र में राष्ट्रपति से इस दिशा में सकारात्मक कार्रवाई करने की अपील की गई है।
