रांची : आइसा ने विश्वविद्यालय विधेयक पर जताई चिंता

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ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के जैकब हॉल में झारखंड सरकार द्वारा पूरक मॉनसून सत्र में पारित किए गए तीन महत्वपूर्ण शिक्षा विधेयकों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की. ये विधेयक हैं झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2025 झारखंड राज्य कोचिंग सेंटर नियंत्रण एवं विनियम विधेयक 2025 और व्यावसायिक शिक्षण संस्थान विधेयक 2025.

आइसा ने इन विधेयकों का स्वागत किया खासकर झारखंड जैसे शैक्षणिक रूप से पिछड़े राज्य में विश्वविद्यालय प्रवेश, शिक्षक नियुक्ति और उच्च शिक्षा संस्थानों में झारखंडी लोगों को अधिक अवसर मिलने की दिशा में इसे एक सकारात्मक कदम बताया लेकिन संगठन ने कुछ प्रावधानों पर गंभीर आपत्ति भी जताई.

छात्रसंघ और राजनीतिक स्वतंत्रता पर प्रहार

आइसा ने झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2025 के कुछ प्रावधानों को चिंताजनक बताया, खासकर छात्रसंघ और छात्र परिषद से जुड़े नियमों को लेकर.

संगठन का मानना है कि इस विधेयक के तहत विश्वविद्यालय में केवल एक छात्रसंघ होगा जो किसी भी राजनीतिक गतिविधि में भाग नहीं ले सकेगा. यह प्रावधान छात्रों के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है और उनकी आलोचनात्मक सोच को दबाने का प्रयास प्रतीत होता है.

आइसा का कहना है कि 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के छात्र-छात्राओं को राजनीतिक प्रक्रिया से दूर रखना उनके लोकतांत्रिक अधिकारों और भागीदारी को सीमित कर देगा. इसके अलावा विधेयक में निर्वाचक मंडल का उल्लेख किया गया है जो अस्पष्ट है और यह स्पष्ट नहीं है कि यह मंडल वास्तविक छात्र प्रतिनिधियों का चयन करेगा या नहीं.

महिला और आरक्षित समुदायों के प्रतिनिधित्व पर सवाल

विधेयक में महिला और आरक्षित समुदायों के प्रतिनिधियों के लिए अध्यक्ष और सचिव पदों में आरक्षण का प्रावधान सराहनीय है लेकिन आइसा का मानना है कि इन समुदायों को हर वर्ष चुनाव में भाग लेने का अवसर मिलना चाहिए न कि चार वर्षों का इंतजार.

कोचिंग सेंटर और व्यावसायिक संस्थानों के बारे में चिंता

झारखंड राज्य कोचिंग सेंटर नियंत्रण एवं विनियम विधेयक 2025 पर आइसा ने चिंता जताई. जहां यह विधेयक बड़े कोचिंग संस्थानों को बढ़ावा देता है. वहीं छोटे कोचिंग संस्थानों पर 5 लाख रुपये की बैंक गारंटी की शर्त लगाना उनके लिए एक अतिरिक्त बोझ होगा.

साथ ही व्यावसायिक शिक्षण संस्थान विधेयक 2025 में आइसा का कहना है कि यह विधेयक मेडिकल, इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट जैसे कोर्स को आम छात्रों के लिए और महंगा बना देगा. इससे कॉर्पोरेट संस्थाओं का दबदबा बढ़ेगा और आम छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित हो सकते हैं.


प्रेस कॉन्फ्रेंस में आइसा झारखंड राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के सचिव अनुराग राय और अध्यक्ष शालीन कुमार, रांची जिला अध्यक्ष विजय कुमार, उपाध्यक्ष मोहम्मद समी, सोनाली केवट सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे.

सभी ने इन विधेयकों में सुधार की मांग करते हुए सरकार से अपील की कि छात्रों के हित में आवश्यक बदलाव किए जाएं. आइसा ने यह भी कहा कि वे इस मुद्दे पर आंदोलन की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए तैयार हैं ताकि छात्रों के अधिकारों की रक्षा की जा सके.

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