Giridih : सरस्वती पूजा के अवसर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। यह बैठक गिरिडीह के सदर एसडीपीओ के दफ्तर में की गयी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सभी एसपी जुड़े रहे। समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पूर्व में हुई घटनाओं को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो। सभी संवेदनशील स्थानों और पूजा पंडालों के साथ-साथ मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान पुलिस उपाधीक्षक और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी स्तर के वरीय अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा गया।
बुधवार को बोकारो जोन के आईजी सुनील भास्कर ने प्रक्षेत्र के सभी जिलों के एसपी के साथ तैयारियों की समीक्षा बैठक की। पुलिस प्रशासन ने निर्देश दिया है कि पूजा पंडालों और जुलूस मार्गों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किए जाएं और उन्हें उनके दायित्वों के बारे में पहले से ब्रीफ किया जाए। संवेदनशील स्थानों पर क्यूआरटी टीम की तैनाती लाठी, हेलमेट, शील्ड, स्टन गन और टीयर गैस जैसे सुरक्षा उपकरणों के साथ की जाएगी।
पूजा पंडालों के आसपास और विसर्जन जुलूस के दौरान वीडियो कैमरे से रिकॉर्डिंग और ड्रोन के माध्यम से निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। पूजा समितियों से गानों की सूची लेकर अंडरटेकिंग ली जाएगी। सभी डीजे संचालकों को बाउंड डाउन कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अश्लील या भड़काऊ गाने न बजें। जुलूस में संगीत बजाने वालों के साथ पुलिस या प्रशासन के कर्मी की तैनाती भी अनिवार्य की गई है। वहीं किसी भी तरह के भड़काऊ या विवादित गानों पर सख्ती बरतने को कहा गया है।
सभी मंदिरों, मस्जिदों, इमामबाड़ों और अन्य धार्मिक स्थलों पर गश्ती बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। साइबर पुलिस को जिला स्तर पर संचालित ऐप के माध्यम से सतत निगरानी के लिए कहा गया है
इसके अलावा शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का आदेश भी दिया गया है। मूर्ति विसर्जन स्थलों जैसे नदी और तालाबों में बैरिकेडिंग कराई जाएगी। सुरक्षा के मद्देनजर गोताखोरों, लाइफ जैकेट, टायर-ट्यूब और एनडीआरएफ टीम की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया
सभी थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्र के पूजा पंडालों और विसर्जन जुलूस की पूरी जानकारी रखने, आपसी समन्वय बनाए रखने और थाना स्तर पर शांति समिति की बैठक कराने को कहा गया है। जिला नियंत्रण कक्ष को पूरी तरह अलर्ट रखते हुए हर एक घंटे में मूर्ति विसर्जन से जुड़ी अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। पुलिस प्रशासन ने साफ कहा है कि बिना सुरक्षा के कोई भी जुलूस नहीं निकलेगा।
