झारखंड बंद का मिला-जुला असर, पांच घंटे तक रांची-जमशेदपुर एनएच जाम l

Spread the love

Ranchi : आदिवासी नेता सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों द्वारा बुलाए गए, झारखंड बंद का शनिवार को खूंटी और चाईबासा समेत जिले के कई हिस्सों में असर देखा गया।

एक महिला यात्री को रांची में फ्लाइट पकड़नी थी, लेकिन वह जाम में फंस गई। लंबे मनुहार के बाद प्रदर्शनकारी उसे जाने देने को तैयार हुए। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि उनके नेता सोमा मुंडा की दिनदहाड़े हत्या हुई है , और आदिवासी अस्मिता खतरे में है। उन्होंने कहा कि अब तक मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

सबसे अधिक प्रभावित स्थिति जमशेदपुर-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर रही, जहां हजारों वाहन पांच घंटे तक जाम में फंसे रहे।

बुंडू टोल प्लाजा पर जाम से यात्री परेशान

सुबह करीब 11 बजे बंद समर्थक बुंडू टोल प्लाजा पर पहुंच गए और जाम लगा दिया। बुंडू नगर पंचायत की सभी दुकानें बंद होने के कारण यात्री न तो पानी और न ही भोजन के लिए आसानी से उपलब्ध हो सके। इस दौरान प्रशासन ने लगातार अपील की कि लोग रास्ता खोल दें, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने मानने से इनकार कर दिया। केवल एंबुलेंस और सेना की गाड़ियों को जाने दिया जा रहा था।

प्रशासन ने लगातार समझाने का प्रयास किया

बुंडू के एसडीएम क्रिस्टोफर कुमार बेसरा, डीएसपी ओमप्रकाश और थाना प्रभारी रामकुमार वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बंद समर्थकों को जाम हटाने के लिए समझाने का प्रयास किया। करीब 5 घंटे बाद जाम हटा और वाहन मार्ग खुला।

सोमा मुंडा हत्या का मामला

7 जनवरी को खूंटी के जमुवादाग इलाके में आदिवासी नेता सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। खूंटी पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि हत्या जमीन विवाद को लेकर हुई थी। वहीं आदिवासी संगठनों का कहना है कि मुख्य साजिशकर्ता और शूटर अब तक पकड़े नहीं गए हैं, इसलिए बंद का आयोजन किया गया।

मांगों पर दिया गया ज्ञापन

बंद के दौरान ग्रामीणों ने एसडीएम को एक ज्ञापन भी दिया। इसमें सोमा मुंडा के परिवार को सरकारी नौकरी देने, अपराधियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में सजा दिलाने और पांच करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की गई। एसडीएम ने कहा कि इन मांगों से सरकार को अवगत कराया जाएगा।

बंद के कारण आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। पांच घंटे तक एनएच पर वाहन जाम में फंसे रहे और लोग पानी-भोजन के लिए तरसते रहे। बंद का असर पूरे जिले में दिखा, लेकिन प्रशासन ने केवल इमरजेंसी सेवाओं को चलने की अनुमति दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *