2025“16 Days of Activism Against Gender-Based Violence 2025” के तहत 16 दिवसीय महिला हिंसा प्रतिरोध पखवाड़ा का शुभारंभ रांची के सत्य भारती, पुरुलिया रोड में आयोजित कार्यक्रम के साथ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत लीना ने सभी को जोड़ते हुए गानों के माध्यम से किया। इसके बाद अलका द्वारा विषय-प्रवेश हुआ जिसमें उन्होंने इस अभियान के महत्त्व पर रोशनी डाली। उन्होंने वैश्विक रूप से मनाए जाने वाले इस आयोजन के उद्देश्यों को बताया। कार्यक्रम में प्रमुख वक्ताओं में—डॉ. सच्ची कुमारी, कुमुद, लीना, रेनु देवान, अनीमा बा, श्रावणी, ज्योति कुजूर, शेशा, नीलम तिग्गा, हीरामणि, और कई अन्य साथियों ने अपनी बातें रखें। आलोका कुजूर एलीना होरो, पुनीता टोपनो, हनी स्वाति टोप्पो, एनोन उमंग तिरु, सुचित्रा, टॉम कावला, लक्ष्मी गोप, आलम आरा, मनोज तिरु, आकांक्षा बिहान आदि साथी भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे। अपने वक्तव्यों में सभी वक्ताओं ने घरेलू हिंसा, सामाजिक हिंसा, और डिजिटल हिंसा के बढ़ते खतरों पर गहरी चिंता व्यक्त की। कार्यक्रम में वक्ताओं ने झारखंड में भी डिजिटल हिंसा के विरुद्ध मुहिम तेज करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने निम्न अपराधों और चुनौतियों को लेकर चिंता जताई:स्टॉकिंग (Stalking)फिजिकल वायलेंस से जुड़ी ऑनलाइन धमकियाँडिजिटल हैरेसमेंट (Digital Harassment)बिना अनुमति फोटो/वीडियो का प्रसार एवं ऑनलाइन पोर्नोग्राफी में दुरुपयोगडिजिटल लिंचिंग (Digital Lynching) – सोशल मीडिया के माध्यम से सामूहिक

आक्रमणमानसिक प्रताड़ना (Mental Harassment) जिसे अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी व्यापक रूप से देखा जा रहा हैवक्तागणों ने कहा कि डिजिटल माध्यम आज हिंसा का नया अखाड़ा बनता जा रहा है और इसके खिलाफ समाज, संस्थाओं और सरकार को संयुक्त रूप से कदम उठाने होंगे।मुख्य आयोजन के बाद सत्य भारती, पुरुलिया रोड से अल्बर्ट एक्का चौक तक एक शांति मार्च निकाला गया। इस मार्च में बड़ी संख्या में छात्राएँ, युवा, महिलाएँ, सामाजिक कार्यकर्ता और अनेक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। मार्च का उद्देश्य हिंसा-मुक्त, सम्मानजनक और सुरक्षित समाज के निर्माण का संदेश देना था। डिजिटल ऐरा में महिलाओं के साथ होने वाली हर प्रकार की हिंसाओं को खत्म करने पर जोर दिया गया। ऑनलाइन क्राइम के रिपोर्टिंग, और उसको न्याय तक दिलाने की दिशा के कामों पर बातचीत की गई।उनके आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, आत्मिक शांति को नष्ट करने वाले कारकों से लड़ने का आह्वान किया गया। आयोजन समिति ने घोषणा की कि यह 16 दिवसीय पखवाड़ा पूरे झारखंड के सभी जिलों में मनाया जाएगा, आयोजन समिति की ओर से मेमोरेंडम महामहिम राष्ट्रपति से लेकर, ग्रामीण अंचल अधिकारी तक प्रेषित किया जाएगा। जहाँ डिजिटल हिंसा, घरेलू हिंसा, लैंगिक समानता और महिलाओं की सुरक्षा को केंद्र में रखकर विविध गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।कार्यक्रम का सफल संचालन लीना एवं अलका ने किया। यह आयोजन 16 दिवसीय महिला हिंसा प्रतिरोध पखवाड़ा, आदिवासी विमेंस नेटवर्क, छोटानागपुर सांस्कृतिक संघ, इंटर स्टेट आदिवासी विमेंस नेटवर्क, इंडिया इंडिजीनस यूथ नेटवर्क, राष्ट्रीय महिला नेतृत्व परिषद, नारी शक्ति क्लब, झारखंड जनाधिकार महासभा, महिला मुक्ति संघर्ष समिति सहित कई संगठनों के संयुक्त प्रयास से संपन्न हुआ।

