Bokaro : बोकारो जोन के IG सुनील भास्कर ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये प्रक्षेत्र के सभी जिलों के एसपी के साथ संगठित आपराधिक गिरोहों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की। बैठक के बाद आईजी ने स्पष्ट किया कि संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी जिलों को एकसाथ और सख्त कार्रवाई करनी होगी।
बैठक में हजारीबाग और बोकारो रेंज के डीआईजी सहित सभी जिलों के एसपी मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान हाल के दिनों में सक्रिय हुए संगठित अपराधियों और उनके नेटवर्क पर विस्तार से चर्चा की गई।
IG ने निर्देश दिया कि ऐसे गिरोह सरगना जो देश के बाहर रहकर अपराध का संचालन कर रहे हैं, उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस और लुक आउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। साथ ही ई-प्रिजन के माध्यम से प्रतिदिन जेल से रिहा या जमानत पर छूटे संगठित अपराधियों का सत्यापन कर उन पर सतत निगरानी रखी जाए।
IG ने विशेष अभियान चलाकर सभी दागी अपराधियों का सत्यापन कराने, उनकी वर्तमान गतिविधियों की जानकारी जुटाने और जिला अभिलेख को अद्यतन रखने के निर्देश दिए। दूसरे जिलों से जुड़े गिरोह सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक से पत्राचार कर समन्वय बनाने पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने गिरोह से जुड़े सभी अभियुक्तों के विरुद्ध डोसियर संधारण, सर्विलांस प्रोसीडिंग और सीसीए के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया। थाना और ओपी स्तर पर गिरोहों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की समीक्षा निरीक्षण और मासिक अपराध गोष्ठियों में अनिवार्य रूप से करने को कहा गया।
बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रत्येक जिले में पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी को नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया जाएगा। यह नोडल अधिकारी व्यवसायियों और ठेकेदारों को मिलने वाले किसी भी धमकी भरे कॉल या मैसेज का तत्काल सत्यापन कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
नोडल पदाधिकारी को जिले में संचालित निर्माण कार्यों, उनके संचालकों, ठेकेदारों और प्रमुख व्यवसायियों की सूची तैयार कर उनसे नियमित संपर्क बनाए रखने का निर्देश दिया गया। संगठित आपराधिक गिरोह और यूएपीए मामलों में आरोपित फरार अभियुक्तों के खिलाफ पुरस्कार घोषित करने की प्रक्रिया को भी तेज करने को कहा गया। आईजी ने कहा कि संगठित अपराध के खिलाफ अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी जिलों को परिणाम दिखाने होंगे।
