Ranchi : भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की स्विट्जरलैंड यात्रा को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कंपनियां पास में हैं तो विदेश जाने की क्या जरूरत थी। उन्होंने इसे पर्यटन यात्रा बताते हुए कहा कि इसे जबरन निवेश लाने की यात्रा का नाम दिया जा रहा है। प्रतुल शाहदेव ने कहा कि जमशेदपुर में टाटा समूह की इकाई रांची से मात्र 135 किलोमीटर दूर है, लेकिन मुख्यमंत्री टाटा समूह के साथ एग्रीमेंट करने के लिए करीब 7000 किलोमीटर दूर स्विट्जरलैंड चले गए।
प्रतुल शाहदेव ने तंज कसते हुए, कहा कि कांग्रेस के साथ सरकार चलाते-चलाते मुख्यमंत्री पर कांग्रेस का रंग चढ़ने लगा है। उन्होंने कहा कि कभी यह किस्सा मशहूर था कि नेहरू जी के कपड़े भी पेरिस धुलने जाते थे। अब उसी तरह मुख्यमंत्री पास की टाटा इकाई से समझौता करने स्विट्जरलैंड जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में हजारों सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग रुग्ण अवस्था में है l लेकिन सरकार ने कभी उन पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। इसके बजाय विदेश जाकर निवेश लाने की बात की जा रही है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह भी चर्चा है, कि मुख्यमंत्री इन्फोसिस के साथ किसी समझौते की तैयारी में हैं, जबकि इन्फोसिस का मुख्यालय पुणे में है, जो रांची से हवाई मार्ग से सिर्फ डेढ़ घंटे की दूरी पर है। अगर सरकार को एग्रीमेंट करना ही था तो कंपनियों को रांची बुलाया जा सकता था। कंपनियां खुद झारखंड आकर समझौता करतीं।
प्रतुल शाहदेव ने पूर्व में वोल्वो प्लांट लगाने के दावे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्लांट लगना तो दूर, नौ महीने बीत जाने के बाद भी वोल्वो का कोई अधिकारी झारखंड तक झांकने नहीं आया। उन्होंने यह भी आश्चर्य जताया कि इस बार औद्योगिक निवेश लाने के लिए गए सरकारी प्रतिनिधिमंडल में उद्योग मंत्री को शामिल नहीं किया गया है। प्रतुल शाहदेव ने कहा कि यह पूरी यात्रा सरकार की नीयत और प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करती है।
