गुमला, 27 अगस्त:
गुमला जिले के एक छोटे से गाँव में पिछले दो दिनों से रहस्यमयी घटनाएँ हो रही हैं, जिनसे ग्रामीण दहशत में जी रहे हैं। गाँववालों का दावा है कि आधी रात को अचानक एक तेज़ चीख सुनाई दी, जिसके बाद खेतों और पेड़ों के बीच सफेद कपड़े में लिपटी एक महिला जैसी आकृति दिखाई दी।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा
गाँव के ही रहने वाले रामलाल उराँव (45) ने बताया, “रात को अचानक दरवाज़े पर दस्तक हुई। जैसे ही बाहर आया तो दूर खेत की तरफ़ एक औरत जैसी आकृति दिखी। देखते ही देखते वह हवा में तैरते हुए गायब हो गई।”
दूसरे ग्रामीणों ने भी कहा कि उन्हें बच्चों के रोने और ज़ंजीरों के घिसटने जैसी आवाज़ें सुनाई दीं।
महिलाएँ और बच्चे सहमे
इन घटनाओं से गाँव की महिलाएँ और बच्चे सबसे ज़्यादा सहम गए हैं। अंधेरा होते ही लोग घरों में कैद हो जाते हैं। कई परिवार तो रात को दीपक या टॉर्च जलाकर ही सो रहे हैं।
अंधविश्वास या सच्चाई?
गाँव के बुज़ुर्गों का कहना है कि यह जगह पहले श्मशान घाट के पास हुआ करती थी। उनका मानना है कि किसी आत्मा की शांति भंग होने की वजह से यह घटनाएँ हो रही हैं।
हालाँकि, गाँव के कुछ शिक्षित लोग इसे मात्र अंधविश्वास और डर का असर बता रहे हैं। उनका कहना है कि रात में किसी जानवर या इंसान की गतिविधि को लोग भूत समझ लेते हैं।
प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया
सूचना मिलने के बाद पुलिस गाँव पहुँची और घटनास्थल की जाँच की। लेकिन उन्हें कोई असामान्य चीज़ नहीं मिली। पुलिस ने ग्रामीणों से अफ़वाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहने की अपील की है।
माहौल में दहशत
जाँच के बावजूद गाँववालों का डर कम नहीं हुआ है। लोग अब इसे “भूतिया गाँव” कहने लगे हैं। गाँव की गलियाँ शाम ढलते ही सुनसान हो जाती हैं और माहौल पूरी तरह रहस्यमयी बना हुआ है।
