राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में अब जल्द ऐसी डिजिटल व्यवस्था लागू करने जा रहा है, जिससे आवेदन के बाद प्रमाण पत्र सीधे ई-मेल पर भेजा जाएगा। अब आम लोगों को जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए बार-बार आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
रिम्स प्रबंधन ने बताया कि जैसे ही प्रणाली पूरी तरह लागू होगी, प्रमाण पत्र बनते ही आवेदक को सूचना मिल जाएगी। इससे लंबित मामलों का निपटारा होगा और भविष्य में ऐसी परेशानी नहीं आएगी।
प्रमाण पत्र रिम्स के ई-सिग्नेचर के साथ भेजे जाएंगे, जिससे उनकी वैधता पूरी तरह बनी रहेगी। अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेश त्रिपाठी के अनुसार, नई प्रणाली में आवेदन के समय ही आवेदक का मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी लिया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति खुद प्रमाण पत्र लेने नहीं आ सके, तो वह ई-मेल के जरिए इसे प्राप्त कर सकेगा।
नई डिजिटल व्यवस्था से लोगों का समय और पैसे दोनों बचेंगे। बुजुर्गों, बीमार और दूर-दराज से आने वाले लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। इसके अलावा, अस्पताल परिसर में भीड़ भी कम होगी।
वर्तमान में रिम्स में 5 हजार से अधिक जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार हैं, जिन्हें बनवाने के बाद लेने कोई नहीं पहुंचा। ये प्रमाण पत्र वर्ष 2016 से अब तक बने हुए हैं। नई डिजिटल प्रणाली से इस बैकलॉग को भी जल्द खत्म किया जाएगा।
