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झारखंड में गरीबी उन्मूलन और आर्थिक सशक्तीकरण का वाहक बनी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की धमक अब वैश्विक स्तर पर महसूस हो रही है। बुधवार को विश्व बैंक ने राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना की मुक्तकंठ से सराहना की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नई दिल्ली स्थित झारखंड भवन में विश्व बैंक के भारत स्थित कंट्री निदेशक आगस्ते तानो कौमे के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात के दौरान इसका उल्लेख किया।

इस अवसर पर कौमे ने मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की सराहना की और इसे राज्य में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और गरीबी उन्मूलन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं को हर माह 2500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिसका उद्देश्य उनकी आर्थिक स्वतंत्रता, स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता को बढ़ावा देना है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विश्व बैंक के प्रतिनिधिमंडल को झारखंड में चल रहे विकास कार्यों से अवगत कराया। उन्होंने ग्रामीण आर्थिक विकास, अक्षय ऊर्जा, पर्यटन, उत्पादन, कृषि, शिक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों के बारे में विस्तार से बताया।

इसके साथ ही, उन्होंने राज्य में निवेश की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला, जिससे झारखंड को विकास के नए आयामों तक ले जाया जा सके। हेमंत सोरेन ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

झारखंड के साथ मिलकर काम करेगा विश्व बैंक

विश्व बैंक के कंट्री निदेशक कौमे ने भारत में विश्व बैंक द्वारा समर्थित परियोजनाओं के अनुभव साझा किए। उन्होंने झारखंड सरकार के साथ विकास योजनाओं, कार्यक्रम डिजाइनिंग और उनके क्रियान्वयन तंत्र को मजबूत करने में सहयोग देने की इच्छा जताई।

उन्होंने कहा कि विश्व बैंक झारखंड के नागरिकों को लाभ पहुंचाने के लिए तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करने को तैयार है। इस मुलाकात में दोनों पक्षों ने भविष्य में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई। इसके लिए रांची में एक संयुक्त चर्चा और कार्यशाला आयोजित करने का निर्णय लिया गया, जिससे ठोस और सार्थक सहयोग स्थापित हो सके।

डीबीटी से खाते में जा चुका 1415 करोड़ से ज्यादा

मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की चर्चा देशभर में हो रही है। इस योजना के तहत 56 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में 1415 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई है। विश्व बैंक के प्रतिनिधिमंडल ने इस योजना को अन्य राज्यों के लिए एक रोल मॉडल के रूप में देखा, जो महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक उत्थान में योगदान दे रही है।

इस मुलाकात ने झारखंड के विकास में विश्व बैंक की भागीदारी की नई संभावनाओं को खोला है। यह मुलाकात झारखंड के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि विश्व बैंक का सहयोग राज्य में ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और अक्षय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में नई गति प्रदान कर सकता है।

दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि सहयोग से न केवल योजनाओं का प्रभाव बढ़ेगा, बल्कि झारखंड के नागरिकों के जीवन स्तर में भी सुधार होगा। इस मुलाकात ने झारखंड की विकास यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ने की दिशा में ठोस आधार तैयार किया है।

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